सिंगूर रैली में गरजे पीएम मोदी: “बीते 24 घंटे बंगाल के लिए ऐतिहासिक”, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों की दी सौगात
हुगली (पश्चिम बंगाल): असम के काजीरंगा में वन्यजीवों और कनेक्टिविटी की बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर पहुँचे। यहाँ एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बीते 24 घंटे पश्चिम बंगाल और पूरे देश के विकास के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि जितने विकास कार्य पिछले 100 वर्षों में नहीं हुए, केंद्र सरकार ने उतने कार्य बहुत कम समय में धरातल पर उतार कर दिखाए हैं। सिंगूर की ऐतिहासिक धरती से प्रधानमंत्री ने न केवल बंगाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली कई रेल और बंदरगाह परियोजनाओं का लोकार्पण किया, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और घुसपैठ के मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार को जमकर घेरा।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जब तक पूर्वी भारत—विशेषकर पश्चिम बंगाल—विकास का इंजन नहीं बनता, तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का विजन बंगाल को केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के व्यापारिक द्वार के रूप में विकसित करना है। रैली में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल अब बदलाव के लिए तैयार है और यहाँ की जनता अब ‘जंगलराज’ को और अधिक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का आगाज
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत रेल कनेक्टिविटी में आए क्रांतिकारी बदलावों से की। उन्होंने गर्व के साथ घोषणा की कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन की शुरुआत की गई है। यह ट्रेन न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएगी, बल्कि लंबी दूरी के सफर को भी तेज करेगी। पीएम ने कहा कि बंगाल को करीब आधा दर्जन ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों की सौगात मिली है, जो आम आदमी के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ किफायती सफर सुनिश्चित करेंगी।
इन नई ट्रेनों के माध्यम से बंगाल अब दिल्ली, तमिलनाडु और काशी जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों से सीधे और बेहतर तरीके से जुड़ गया है। पीएम मोदी ने कहा कि तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें देश के विभिन्न कोनों को बंगाल से जोड़कर यहाँ के पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले रेल बजट केवल राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा होते थे, लेकिन आज रेल परियोजनाओं का आधार केवल विकास और जनता की सुविधा है।
घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति पर तीखा प्रहार
सिंगूर रैली में प्रधानमंत्री मोदी का रुख राजनीतिक रूप से बेहद हमलावर रहा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल अब ‘जंगलराज’ से मुक्ति चाहता है। प्रधानमंत्री ने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सीमा पार से आने वाले घुसपैठिए बंगाल के गरीब नागरिकों का हक मार रहे हैं। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि ये घुसपैठिए टीएमसी के “पक्के वोटर” हैं, इसलिए राज्य सरकार इन पर कार्रवाई करने के बजाय इन्हें संरक्षण दे रही है।
प्रधानमंत्री ने जनता को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार घुसपैठियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संसाधनों पर पहला अधिकार देश के नागरिकों का है, न कि अवैध रूप से रह रहे लोगों का। पीएम ने कहा कि बंगाल की धरती जो कभी संस्कृति और राष्ट्रवाद का केंद्र थी, उसे आज तुष्टीकरण की राजनीति ने पीछे धकेल दिया है। उन्होंने भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है क्योंकि यहाँ उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनाया जा रहा।
हुगली के लिए नए अवसरों का द्वार: एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम
प्रधानमंत्री ने बालागढ़ में बनने वाले ‘एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हुगली और आसपास के पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक क्रांति लेकर आएगी। यह सिस्टम कोलकाता पोर्ट (श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट) के विस्तार के रूप में कार्य करेगा, जिससे मुख्य शहर पर लॉजिस्टिक दबाव कम होगा। पीएम ने बताया कि इससे न केवल कोलकाता शहर में ट्रैफिक की समस्या कम होगी, बल्कि माल ढुलाई में लगने वाला समय और खर्च भी काफी घट जाएगा।
इस पोर्ट गेट सिस्टम के बनने से हुगली क्षेत्र में नए गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और छोटे उद्योगों का जाल बिछेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने इसे ‘ब्लू इकोनॉमी’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जो बंगाल को वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।
गंगा जलमार्ग और कार्गो मूवमेंट में आएगी तेजी
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने गंगा जी पर बने जलमार्ग (National Waterway-1) की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलमार्गों के जरिए कार्गो मूवमेंट को तेज करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। सड़क और रेल मार्ग की तुलना में जलमार्ग परिवहन का सबसे सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली नदी के जरिए उद्योगों को कच्चा माल पहुँचाना और तैयार माल बंदरगाहों तक ले जाना अब और भी आसान हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने गंगा नदी के बुनियादी ढांचे पर हजारों करोड़ रुपये निवेश किए हैं ताकि बंगाल के उद्योग वैश्विक बाजारों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें। पीएम ने कहा कि कनेक्टिविटी का यह विस्तार बंगाल के किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि उनके उत्पाद अब कम लागत में देश-दुनिया के बाजारों तक पहुँच सकेंगे।
मालदा से हुगली तक: पूर्वी भारत बनेगा विकसित भारत की नींव
प्रधानमंत्री ने अपने पिछले दो दिनों के दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि कल वह मालदा में थे और आज हुगली के सिंगूर में हैं। यह यात्रा दर्शाती है कि केंद्र सरकार के लिए बंगाल का हर कोना महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक, विकास का संदेश हर घर तक पहुँचाना उनका लक्ष्य है। पीएम ने कहा कि पूर्वी भारत के पास प्राकृतिक और मानवीय संसाधनों की कोई कमी नहीं है, कमी थी तो केवल एक विजन और इच्छाशक्ति की, जिसे भाजपा सरकार ने पूरा किया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में बंगाल के लिए जो ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, वे आने वाले दशकों में राज्य की तस्वीर बदल देंगे। प्रधानमंत्री ने जनसभा में मौजूद लोगों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत के संकल्प के साथ जुड़ें और बंगाल में उस सरकार को चुनें जो केंद्र की योजनाओं को धरातल पर उतारने में सहयोग करे, न कि हर योजना में अड़ंगा लगाए।
विकास का संकल्प और बंगाल का भविष्य
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल का विकास केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि उनका मिशन है। उन्होंने दोहराया कि आयुष्मान भारत से लेकर किसान सम्मान निधि तक, कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ बंगाल के गरीबों को पूरी तरह से नहीं मिल पा रहा है क्योंकि राज्य सरकार इसमें राजनीति देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि वह बंगाल की महान संस्कृति और विरासत को प्रणाम करते हैं और इसे फिर से देश का नेतृत्व करते हुए देखना चाहते हैं।
रैली का समापन प्रधानमंत्री के इस भरोसे के साथ हुआ कि बंगाल के लोग अब विकास विरोधी ताकतों को पहचान चुके हैं। सिंगूर की धरती, जो कभी राजनीतिक संघर्षों का केंद्र रही थी, आज विकास की नई गाथा लिखने के लिए तैयार दिख रही है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हुगली के इस पावन तट से शुरू हुई विकास की यह लहर पूरे बंगाल में परिवर्तन लेकर आएगी।