मालदा में पीएम मोदी का चुनावी शंखनाद: ‘टीएमसी की विदाई तय, बंगाल में भी होगा भाजपा का सूर्योदय’
मालदा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मालदा की धरती से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अब तक का सबसे भीषण प्रहार किया। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल विकास की बात की, बल्कि ‘घुसपैठ’, ‘भ्रष्टाचार’ और ‘केंद्रीय योजनाओं में बाधा’ जैसे मुद्दों को उठाकर राज्य की ममता बनर्जी सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिस तरह ओडिशा, असम और महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में भाजपा ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, अब उसी दिशा में बंगाल के बदलाव का समय आ गया है।
टीएमसी सरकार पर हमला: ‘गरीबों का हक छीन रहे हैं घुसपैठिए’
मालदा में आयोजित इस विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी के भाषण का केंद्र बिंदु बंगाल की ज्वलंत समस्या ‘घुसपैठ’ रही। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण घुसपैठिए गरीबों और मेहनतकश लोगों का हक छीन रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार इस गंभीर समस्या पर अपनी आंखें मूंदे बैठी है क्योंकि यह उनके वोट बैंक से जुड़ा मामला है। प्रधानमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही घुसपैठ के खिलाफ न केवल सख्त कानून बनाए जाएंगे, बल्कि इस पर पूर्ण विराम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि बंगाल के हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर हो और हर जरूरतमंद को मुफ्त राशन मिले, लेकिन टीएमसी का ‘सिंडिकेट राज’ इसमें सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण के लिए दिल्ली से जो पैसा भेजती है, उसे टीएमसी के नेता रास्ते में ही लूट लेते हैं। प्रधानमंत्री ने सवालिया लहजे में जनता से पूछा, “क्या आप ऐसी सरकार को और मौका देना चाहेंगे जो आपके हक का पैसा छीनकर अपनी तिजोरियां भर रही है?”
विकसित भारत के संकल्प में पूर्वी भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि भारत तभी विकसित बन सकता है जब उसका पूर्वी हिस्सा, विशेष रूप से बंगाल, समृद्ध हो। उन्होंने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत को नफरत और वोट बैंक की राजनीति ने जकड़ कर रखा, जिसके कारण यहां का औद्योगिक विकास रुक गया और युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ा।
पीएम मोदी ने दावा किया कि भाजपा ने असम, त्रिपुरा और अब ओडिशा जैसे राज्यों को इस नकारात्मक राजनीति से बाहर निकालकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के राज्यों का भरोसा अब केवल और केवल भाजपा पर है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बंगाल को भी इसी विकास यात्रा का हिस्सा बनाने के लिए सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है।
देश भर में भाजपा की लहर: मुंबई से तिरुवनंतपुरम तक की मिसाल
बंगाल की जनता में उत्साह भरते हुए पीएम मोदी ने देश के अन्य राज्यों और हालिया चुनाव परिणामों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि देश का राजनीतिक माहौल अब पूरी तरह बदल चुका है और लोग विकास को ही अपना एकमात्र पैमाना मान रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि किस तरह ओडिशा में पहली बार भाजपा की अपनी सरकार बनी है और त्रिपुरा में जनता बार-बार भाजपा पर भरोसा जता रही है।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र के शहरी निकाय चुनावों और बीएमसी (मुंबई) के नतीजों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में भाजपा को मिली रिकॉर्ड सफलता और केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा का मेयर बनना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक कमल खिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में वर्षों तक भाजपा के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया, वहां के लोग भी अब सुशासन की राजनीति को चुन रहे हैं।
आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं पर ‘ब्रेक’ का आरोप
प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार को ‘निर्दयी’ और ‘असंवेदनशील’ बताते हुए कहा कि बंगाल आज देश का इकलौता ऐसा राज्य है जहां ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता सरकार को डर है कि अगर गरीबों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल गई, तो उनका राजनीतिक आधार खिसक जाएगा। इसलिए वे जानबूझकर बंगाल के बीमार और बुजुर्गों को इस लाभ से वंचित रख रहे हैं।
इसी तरह उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि देश के लाखों परिवारों का बिजली बिल अब शून्य हो रहा है, लेकिन बंगाल में इस योजना की रफ्तार को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि ऐसी सरकार को विदा करना अब बंगाल के भविष्य के लिए जरूरी हो गया है।
‘झूठ का अंत और सुशासन का आरंभ’
अपने भाषण के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल में अब झूठ और अफवाहों की राजनीति का अंत होने वाला है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भाजपा को कभी कमजोर माना जाता था, वहां भी अब जनता का आशीर्वाद पार्टी को मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे घर-घर जाकर टीएमसी के भ्रष्टाचार और केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश पहुंचाएं।
मालदा की इस रैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा आने वाले समय में बंगाल में ‘विकास’ और ‘राष्ट्रवाद’ के मुद्दे को और अधिक प्रखर बनाएगी। प्रधानमंत्री की इस जनसभा को बंगाल में भाजपा के चुनावी अभियान के निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।